एक सूचना -इस ब्लाग का उद्देश्य
उर्दू शायरी में ’उस्ताद-शागिर्द’ की परम्परा बहुत पुरानी है।समय समय पर नशिस्त [ गोष्ठी, बैठकें] मुशायर, बज़्म महफ़िल आदि के आयोजन भी होते रहते हैं।इन्हीं आयोजनों में किछ दिलचस्प वाक़यात, कुछ दिलचस्प किस्से, कुछ दिलचस्प बातें भीं निकलती रहती है। उर्दू अदब के तारीख़ निगार, नक़्क़ाद [आलोचक] मज़ामीन मुसन्निफ़ अपने अपने लेखों में, तहरीर में,इन वाक़ियात का ज़िक्र भी करते रहते हैं, हवाला देते रहते है}कुछ शायर -शायरा ऐसे क़िस्से Interviews में या अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से सुनाते रहते है।
क़िस्सा कोताह [संक्षिप्त में ] यह कि--
ऐसे ही बिखरे हुए दिलचस्प क़िस्सों को, दिलचस्प बातों को एक जगह इकठ्ठा करने के उद्देश्य से बनाया गया है। ये क़िस्से प्रामाणिक स्रोतों से लिए गये है। प्राय: ऐसे क़िस्सें बातें उर्दू लिपि [ रस्म उल ख़त] में मिलते हैं अत: हिंदी दाँ दोस्तों कि सुविधा के लिए इसे ’देव नागरी लिपि में प्रस्तुत कर रहा हूँ।
साथ ही , इसी ब्लाग में, कुछ नामचीन मा’रूफ़ क़दीम ज़दीद , कुछ अनजान गुमनाम शायरों के मशहूर अश’आर जो ज़र्ब उल मिस्ल [कहावत] की हैसियत रखते हैं और हर आम-0-ख़ास पर ज़ुबान ज़द हैं -को भी लगाता चलूँगा ।
मैं यह स्वीकार करता हूँ कि इसमें मेरा कुछ भी योगदान नहीं है। ये तमाम बातें, क़िस्से ,किताबों में, इन्टर्नेट पर, सोशल मीडिया पर बिखरे पड़े हैं उपलब्ध है।मैं यहाँ मात्र ’संकलन कर्ता’ की हैसियत से प्रस्तुत कर रहा हूँ। । इस कार्य का सारा श्रेय क्रेडिट उन बुजुर्ग मुसन्निफ़ों का, लेखको का है जो अपनी मेहनत और तहक़ीक़ी काम के असल हक़दार है। मैं उनका आभारी हूँ।
न कटती अगर हों जो विरहा की रातें
पढ़ें आप शे’र-0-सुख़न की यें बातें ।
😄😄😄😄
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सादर
-आनन्द.पाठक ’आनन’-
12-07-2026
8800927181
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