क़िस्त 008: शायरी 004
कुछ नही बोला तो मर जाएगा अंदर से ’शुज़ा’
और कुछ बोला तो फिर बाहर से मारा जाएगा।
-शुज़ा’ ख़ावर-
जो है ज़ुबाँ पे दिल को नहीं उससे फ़ायदा
जो दिल में है वो ला नहीं सकते ज़ुबान पर ।
-अकबर इलाहाबादी -
ऐसे बहुत से अश’आर है जो हर आम-ओ-ख़ास के ज़ुबान पर रहते है और
मौके महल सुनाते रहते है।
ऐसे ही अन्य अश’आर यहाँ सुनें और आनन्द उठाएँ--
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शे’र-0-शायरी
प्रस्तुतकर्ता
-आनन्द.पाठक ’आनन’
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