Friday, 17 July 2026

शायरी 004

क़िस्त 008: शायरी 004


कुछ नही बोला तो मर जाएगा अंदर से ’शुज़ा’

और कुछ बोला तो फिर बाहर से मारा जाएगा।

-शुज़ा’ ख़ावर-


जो है ज़ुबाँ  पे दिल को नहीं उससे फ़ायदा

जो दिल में है वो ला नहीं सकते ज़ुबान पर ।

-अकबर इलाहाबादी -

ऐसे बहुत से अश’आर है जो हर आम-ओ-ख़ास के ज़ुबान पर रहते है और

मौके महल सुनाते रहते है।
ऐसे ही अन्य अश’आर यहाँ सुनें और आनन्द उठाएँ--



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प्रस्तुतकर्ता
-आनन्द.पाठक ’आनन’

 

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