Friday, 17 July 2026

शायरी 004

क़िस्त 008: शायरी 004


कुछ नही बोला तो मर जाएगा अंदर से ’शुज़ा’

और कुछ बोला तो फिर बाहर से मारा जाएगा।

-शुज़ा’ ख़ावर-


जो है ज़ुबाँ  पे दिल को नहीं उससे फ़ायदा

जो दिल में है वो ला नहीं सकते ज़ुबान पर ।

-अकबर इलाहाबादी -

ऐसे बहुत से अश’आर है जो हर आम-ओ-ख़ास के ज़ुबान पर रहते है और

मौके महल सुनाते रहते है।
ऐसे ही अन्य अश’आर यहाँ सुनें और आनन्द उठाएँ--



visit my channel
आवाज़  का सफ़र
www.youtube.com/@33akp

शे’र-0-शायरी

www.youtube.com/@03akp

प्रस्तुतकर्ता
-आनन्द.पाठक ’आनन’

 

No comments:

Post a Comment

चर्चा 007: साढ़े तीन रुक्न-- एक चर्चा

चर्चा 007: साढ़े तीन रुक्न-- एक चर्चा मेरे एक मित्र ने एक ’क़ता’[क़िता’] लिखा और उसका वज़न लिखा-- 22--22--22--2 और जानना चाहा कि ’ साढ़े तीन’...