शायरी 014
मशहूर शायरों के चुनिंदा शे’र---
तमाम उम्र इसी एहतितात में गुज़री
कि आशियाँ किसी शाखे-चमन पे बार न हो।
-महशर-
हमने तो यूँ ही राख में फेरी थी उगलियाँ
देखा जो ग़ौर से तेरी तसवीर बन गई ।
-सलीम बेताब-
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बाक़ी अश’आर आप यहां सुन सकते है_---
https://youtu.be/PouoGpy9K-0
प्रस्तुतकर्ता
-आनन्द.पाठक ’आनन’-