Tuesday, 1 September 2026

शायरी 014

 शायरी 014


मशहूर शायरों के चुनिंदा शे’र---

तमाम उम्र इसी एहतितात में गुज़री

कि आशियाँ किसी शाखे-चमन पे बार न हो।  

-महशर-


हमने तो यूँ ही राख में फेरी थी उगलियाँ

देखा जो ग़ौर से तेरी  तसवीर बन गई ।

-सलीम बेताब-

---

बाक़ी अश’आर आप यहां सुन सकते है_---

https://youtu.be/PouoGpy9K-0


प्रस्तुतकर्ता

-आनन्द.पाठक ’आनन’-

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