गुरुवार, 24 सितंबर 2026

शायरी 018

शायरी 018

मशहूर शायरों के चुनिंदा अश’आर


नाकामे-तमन्ना दिल, इस सोच में रहता है

यूँ होता तो क्या होता, यूँ होता तो क्या होता। 

-चिराग़ हसन ’हसरत’-

:2:

हमको तो गर्दिश-ए-हालात पे रोना आया

रोने वाले तुझे किस बात पे रोना आया ।      

- सैफ़ुद्दीन ’सैफ़’-

 

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