शायरी 018
मशहूर शायरों के चुनिंदा अश’आर
नाकामे-तमन्ना दिल, इस सोच में रहता है
यूँ होता तो क्या होता, यूँ होता तो क्या होता।
-चिराग़ हसन ’हसरत’-
:2:
हमको तो गर्दिश-ए-हालात पे रोना आया
रोने वाले तुझे किस बात पे रोना आया ।
- सैफ़ुद्दीन ’सैफ़’-
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